
टुटा हुआ शीशा फ़िर जोड़ा नही जाता
आँख से निकला हुआ आंसू फ़िर वापस नही आता
तुम तो कह कर भूल चुके हो सब कुछ
लेकिन मुझसे वो पल भुलाया नही जाता
तेरी मोहोब्बत ने जंजीरे डाली हे ऐसी
की भुलाना भी चाहू तो भुलाया नही जाता
महफ़िल में भी मुज को तन्हाई नज़र आती है
तेरे बिना ये दिल कही और लगाया नही जाता
मेरे दिल की दीवारों पर सिर्फ़ तेरा ही नाम हैं
मिटाना भी चाहू तो मिटाया नही जाता
साँस रुकने से पहले एक जलक दिखा जाना
बेवफा जिंदगी का एतबार किया नही जाता
*********प्यार का पैगाम ************प्यार के नाम
राहुल कुमार पचोरी
